मेरी चूत की किस्मत खुल गयी

मैं उस वक़्त इंजिनियरिंग के 1st इयर  में था और मेरे जो ट्यूशन टीचर थे वो मरवारी थे. मैं उनके घर पर ट्यूशन पढ़ने जाता था. उनकी उमर करीब 35 साल की थी. वो अपनी बीवी के साथ रहते थे. उनका एक लड़का था जोकि हॉस्टिल मे रहकर पढ़ाई कर रहा था. उसे किसी ने देखा नही था. उनकी बीवी की उमर शायद 28-30 की होगी. लेकिन वो अपनी उमर से काफ़ी छोटी दिखती थी. जब भी मैं उनके घर जाता था तो वो मेरा बहुत ख्याल रखती थी. मेरे दिल मे भी उनके लिए बहुत इज़्ज़त थी. लेकिन एक दिन मैने उन्हे नहाने के बाद सिर्फ़ पेटिकोट मे देखा जो कि उनकी चूंचियाँ पर बँधा हुआ था. उनके गोरे पैर और पिंडलियाँ खुली थी.. कितने गोरे और गदराए पैर थे. मैं उनकी चूंचियाँ को देखता ही रह गया. उन्होने मुझे देखते हुए देखा ,वो थोड़ा मुस्कुराइ और अंदर चली गयी.

मेरा मन अब पढ़ाई मे नही लग रहा था. मेरा लंड कड़क होने लगा. किसी तरह मैं उसे दबा रहा था. सर ने पूछा क्या हुआ? मैने डरते हुए कहा मुझे बाथरूम जाना है उन्होने अपनी बीवी से कहा इसे बाथरूम दिखा दो. वो तब तक सारी पहन चुकी थी, मरवरी स्टाइल मे. याने पेटीकोत मे लपेट कर बाकी आँचल था. उनकी चूंचियाँ बड़े गले के ब्लाउस से आधी से ज़्यादा दिख रही थी. ये देख कर मेरा लंड और कड़क हो गया. आप यह कहानी मस्तराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है | और मेरे 7.5 इंच के मोटे लंड को सम्हालना मुश्किल हो गया. मैं बुक्स रखकर जैसे ही खड़ा हुआ, मेरे लंड ने नाइट पाजामा मे टेंट बना दिया और उसने ये देखा और बड़ी अदा से मुस्कुराइ. मुझसे कहा जल्दी आओ इधर है बाथरूम. मैं अंदर गया लेकिन जल्दी मे दरवाजा बंद नही किया.

लंड को बाहर निकाला और पेशाब करने लगा लेकिन लंड ठंडा नही हो रहा था, सो मैं मूठ मारने लगा.. 2 मिनिट मे ही उसने ज़ोर की पिचकारी मारी.. जो सामने दीवाल पर गयी. उसको अच्छे से धोया और लंड को पॅंट के अंदर किया. जैसे ही मैं पीछे घुमा मैने देखा दीवार के किनारे सर की वाइफ खड़ी है. इसका मतलब उसने मुझे मूठ मारते हुए देखा था, क्यूकी वाहा से मेरा लंड पूरा दिखता था.मैं सिर नीचा करके बाहर निकल आया. तब उसने धीरे से कहा.. बहुत मोटा और लंबा है. ये कहकर वो जल्दी से चली गयी. वैसे मुझे वो अच्छी लगती थी और वो भी मुझे पसंद करती थी. लेकिन उसके साथ सेक्स के लिए मैने कभी भी सोचा नही था. मेरे सर मेद्स मे एक्सपर्ट थे. और उनसे पढ़ने के लिए बहुत लड़के ट्यूशन लगवाना चाहते थे. लेकिन उन्होने सिर्फ़ मुझे ही चुना क्यूकी ट्यूशन उन्हे पसंद नही था.

ही ऑल्वेज़ उसेद टू बी बिज़ी इन सॉल्विंग मेद्स प्रॉब्लम्स आंड डूयिंग सम अदर स्टफ्स . उनकी वाइफ को ये पसंद नही था. वो तो मुझे बहुत सेक्सी लगती थी. उन्हे अच्छी चुदाई की चाहत थी और वो किसी को ढूँढ रही थी. जबकि सर को लगता था कि अब सेक्स की कोई ज़रूरत नही है. ये बातें मुझे तब पता चली जब मैं उनकी वाइफ के संपर्क मे आया और उनकी डाइयरी पढ़ी. मैने ये डाइयरी उनके कपबोर्ड से निकाल के पढ़ी थी. उस डायरी मे मेरे बारे मे भी लिखा था. तब मैं एक कमसिन लड़का हूँ और बहुत ही गरम लड़का हूँ, जो भी लड़की मुझ से चुदवायेगि उसकी किस्मत खुल जाएगी. जिस लड़की को मेरा लंड मिलेगा वो बहुत ही नसीब वाली होगी. अगर मुझे मौका मिले तो मैं इस लड़के से एक बार ज़रूर चुदवाउन्गि और अपनी चूत की प्यास बुझाउन्गि. तब से उसकी डाइयरी की ये लाइन मेरे दिमाग़ मे घूम रही थी.वो मुझसे चुदवाना चाहती थी लेकिन अपने पति से डरती थी.और फिर उस दिन के बाद मेरी नज़र भी बदल गयी .

उसकी उफनती हुई जवान बदन को याद करके मैं अब रोज ही मूठ मारता था. मैने भी सोचा इसे एक मौका दिया जाए, लेकिन कैसे? एक दिन मैने उन्हे सेल फोन पर कॉल किया और कहा कि आज मैं 4 बजे आउन्गा.ये बात आप सर को बता दीजिए.मुझे मालूम था की सर 4 बजे लाइब्ररी जाते है और रात के 10 बजे वापिस आते है. मैने ये बात जानबूझकर उसका सेल फोन पर कही थी. ये मेरी तरफ से इशारा था | आप यह कहानी मस्तराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |  क्यूकी इसके पहले मैने उसका सेल पर कभी कोई मेसेज नही दिया था. और जब से उसने मेरा लंड देख लिया था तब से मैने उसकी आँखो मे भी एक तड़प देखी थी. मैं उनके घर ठीक 4.30 पर पहुँचा. उसने दरवाजा खोला. मैने देखा आज उसने एक ट्रंपारेंट सारी पहनी थी और खुले गले का ब्लाउस. उसका फिगर 34 26 36 है.

उसकी चूंचियाँ ब्लाउस फाड़ कर बाहर निकल रही थी. ब्लाउस छोटा था. और लहंगा नाभि के बहुत नीचे बँधा था.. जिससे आज उसका गोरा गोरा पेट और पतली कमर सॉफ दिख रहे थे. उसका गोरा पेट और चिकनी कमर देख कर मेरा लंड हरकत मे आ गया. उसने मुझे बैठने को कहा और पानी लाने अंदर गयी. पानी देते हुए वो इस तरह झुकी की उसकी मदमस्त चुचियाँ मेरे सामने आ गयी. उफ्फ वो घाटी. रस दार चूंचियाँ देख कर मेरे मुँह मे पानी आ गया.. वो सोफे पर मेरे करीब ही किनारे पर बैठ गयी.मैने उन्हे हिचकिचाते हुए पूछा सर कहाँ है.. क्या आपने मेरे आने के बारे मे सर को बताया है? या वो भूल गयी? उसने कहा मैने सर को कुछ नही कहा. मैने पूछा क्यू? उसने कहा आज वो मुझे पढ़ाएँगी. ये कहते हुए वो अपने रसीले होंटो को दाँत से दबा रही थी और कोने मे काट रही थी.

मैने तब कहा आप मज़ाक कर रही है उसने कहा नही मैं सीरियस्ली कह रही हूँ. तब मैने कहा आप कौन सा यूनिट सिखाएँगी? उसने कहा मैं सीरीयस हूँ लेकिन तुम्हे मेद्स नही पधाउन्गि ये बात उसने बड़े नटखट अंदाज़ मे कही. मैने पूछा फिर क्या पधओगि? वो चुप रही और मेरे करीब आगाई.और मेरा हाथ पकड़ लिया. उसने कहा आज तुम मेरे मेहमान हो . आज मैं तुम्हारी परीक्षा लेने वाली हूँ. मैने कहा कैसी परीक्षा?. उसने कहा बुद्धू मत बनो मैं जानती हू तुम मुजपे पे फिदा हो. मुझे मालूम था कि वो भी चुदवाने के लिए बेताब हो गयी है और तय्यार है.उसने मेरा हाथ पकड़ा और खड़ी हो गयी और मुझे अपने बेडरूम मे ले गयी.फिर उसने मेरे गाल पर किस किया.. और मेरे शर्ट और पॅंट खोल दिए. मुझे भी मज़ा आ रहा था.. उसका नरम हाथ मेरे बदन पर घूम रहा था. उसने मेरी बनियान भी निकाल दी. मैने अब उसका पल्लू नीचे गिरा दिया. उसकी बड़ी बड़ी रस भरी चूंचियाँ मेरे सामने थी. मैं थोड़ा नर्वस था लेकिन मुझे मज़ा भी आ रहा था.

उसकी नॉकदार चुचियों को देख कर मेरा लंड और कड़क होने लगा. उसकी तनी हुई चूंचियाँ किसी भी मर्द को गरम कर देने लायक थे.अब मैने उसे अपने सीने से लगा लिया और उसका होंटो को अपने होंटो मे क़ैद कर लिया और चूसने लगा.. उसके हाथ मेरी पीठ और सीने पर घूम रहे उसका ब्लाउस पीछे से सिर्फ़ 2 इंच का होगा. मेरा हाथ उसकी पीठ पर घूम रहा था. उसके गोल गोल चूतड़ मैने दबाए. उसका मुँह से सिसकारी निकल पड़ी. .आआआः. .ससस्स मैं उसकी होंटो को बहुत ज़ोर से चूस रहा था. फिर मैने अपनी जीभ उसका मूह के अंदर डाल दी. वो चूसने लगी. उसकी चूंचियाँ मेरे सीने मे दब गयी थी. बहुत कस के लिपटी हुई थी वो. मैने पीछे से उसका ब्लाउस के हुक खोल दिए.वो बेड पर बैठ गयी. मेरे गले और छाती को चूमने लगी.मैने उसे थोड़ी देर ऐसा करने दिया.. लेकिन मैं भी गरम हो गया था, अब और सब्र नही हो रहा था.मैने उसे दूर धकेला और उसका ब्लाउस निकाल दिया.उसने गुलाबी रंग की जालीदार ब्रा पहनी थी..

मैने उसका ब्रा के अंदर मेरी उंगलियाँ डाल दी.. और उसकी चूंची हाथ मे पकड़ ली.उसके बूब्स मेरे हाथो मे थे, मैने उसके होंटो को चूमना शुरू किया.और उसके नीचे के होन्ट को काट लिया वो सिसक उठी..उम्म..आहह. . मैने उसके गले पर होंठ रखे और वाहा किस किया फिर जीभ से सहलाया.. उसकी आँख बंद हो गयी.आहह ऊऊओहू.. ऐसी आवाज़े निकालने लगी मैने अब दोनो चूंचियाँ के बीच मे होंठ रखे थोड़ा जीभ से चटा और फिर हल्के से दाँत लगा दिए.. इष्ह..उउईईईई. .करके वो चिल्ला उठी.. मैं चूमते हुए नीचे जाने लगा.मैने अब उसकी ब्रा निकाल दी और निपल को उंगलियों से छेड़ा.. वो कड़क हो गये थे. क्या मस्त चूंचियाँ थी. उसे ब्रा की ज़रूरत ही नही थी. एकदम भरे हुए दूध के बर्तन. मैने निपल मेरे मुँह मे लिया और चुभलने लगा. उसने मेरा सिर अपनी सीने मे दबाया और कहा..पूरा मुँह मे लेलो. आह पूरा खोलो .मैं समझ गया कि अब वो भी मज़ा ले रही है और गरम हो गयी है.. मैने पूरी चूंची मेरे मुँह मे लेने की कोशिश की.. फिर निपल अरोला के साथ मुँह मे ले लिया. दूसरी तरफ की चुचि को मैं सहला रहा था और निपल को उंगली से मसल रहा था.

ये सिलसिला एक एक कर दोनो चूंचियाँ के साथ कर रहा था.मैं हल्के से काट लेता तो वो चिल्ला उठती थी..आहह काटो मत.. चूसो..ज़ोर से.. ह.. उसका मरवरी बदन गोरे से लाल हो रहा था.मैं उसकी चूंचियाँ के साथ पूरी बेदर्दी से पेश आ रहा था. उसे देख देख कर मैने बहुत बार मूठ मारी है. इधर मेरा लंड भी कड़क हो चुक्का था..और बाहर आने को तड़प रहा था. मैने उसे इशारा किया. उसने मेरा अंडरवेर नीचे खींचा और मेरा लंड उछलकर बाहर आ गया. उसने कहा राज सच मे तुम्हारी लंड बहुत मस्त है.. मैने उस्दिन कहा था ना. इतना लंबा और मोटा लंड मैने नही देखा कभी..उसने मेरे लंड को हाथ से पकड़ कर सहलाना शुरू किया फिर सूपदे को किस किया, जीभ से चटा और फिर उसे मुँह मे ले कर होंटो से चूसने लगी. उसके चेहरे को देख कर ऐसा लगा जैसे किसी भूके को पकवान की थाली मिल गयी हो. वो बहुत आराम से चूसने लगी.. उसके चेहरे पर समाधान नज़र आ रहा था. वो मेरे लंड को चूस रही थी और मैं सातवे आसमान मे था.. आहह.. मैने उसका मुँह को चोदना शुरू किया.

उसने अपने होन्ट गोल कर लिए और अंदर बाहर जाते लंड पर दबा रही थी. वो लंड चूसने मे माहिर थी.. .. और फिर मुझे लगा कि मेरा लावा निकल जाएगा | आप यह कहानी मस्तराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |  मैने उसका सिर पीछे हटाना चाहा.. उसने इशारे से पूछा क्या है. मैने कहा.. मेरा निकलने वाला है.. उसने इशारे से कहा मेरे मुँह मे निकालो.. और मेरे लंड से बहुत सारा सीमेन उसके मुँह मे जा गिरा उसने एक एक बूँद चाट लिया अब मैने उसकी सारी पूरी निकाल दी और ल़हेंगे का नाडा खींच दिया.. ओह उसने अंदर कुछ नही पहना था.. मैने उसे धकेल कर बेड पर लिटाया और उसकी चूत को देखा..एकदम गुलाबी चूत थी.. किसी 18 साल की लड़की जैसी.. और उसकी चूत पर एक भी बाल नही था.. ऐसा लगा आज ही साफ़ किया है.. मैने उसके पैर फैलाए और चूत के दोनो होंठ फैलाए.. जैसे वो गुलाब की पंखुड़ी हो.. चूत का मुँह एकदम छोटा था.. मुझे थोड़ा शक़ हुआ, मैने पूछा सर क्या चोदते नही? उसने कहा.. मेरी चूत कुँवारी है..

मैं कुछ समझ नही पाया.. कुँवारी चूत और एक लड़का.. खैर मैं अभी तो खुश हो गया.. क्यूकी चूत कुँवारी नही भी हो फिर भी एकदम टाइट चूत थी.वो मेरे सामने नंगी पड़ी थी साँचे मे ढला बदन.. चूंचियाँ आसमान देख रही थी.. और पैर फैलाए उसकी बंद चूत मेरे सामने थी.. मैने चूत के दाने को ढूँढा और हल्के से रगड़ने लगा.. वो इश्..आअहह.. अफ.. राज.. मत तडपा मुझे मैं अपना चेहरा उसकी चूत के पास लाया आह उसके पेशाब और जूस की क्या मस्त खुश्बू थी.. मैने उसकी चूत पर जीभ फिराई और वो उछल पड़ी..आऐईयइ. . ऊहह..उसकी चूत से बहुत पानी निकल रहा था.. और वो उसकी गांद की तरफ बह रहा था.. मैने उसकी गांद के नीचे एक तकिया रखा और पैर उपर उठा कर बीच मे बैठ गया और चूत के दरवाजे खोल कर जीभ अंदर डाल दी.. और 2 मिनट मे ही उसकी चूत से झरने जैसा पानी बाहर निकल आया.. मेरा मुँह पूरा भर गया.. और वो ज़ोर से चिल्लाई..राआाजजज ज्ज उ.. मेरा हो गाययययी..आआअहह. .

बस अब मत चट.. कहते हुए वो मुझे दूर धकेलने लगी.. उसकी चूत चाटते हुए मेरा लंड फिर से फंफना गया था.. मैने उसकी चूत से निकलने वाले पूरे जूस को चाट लिया.. ऐसा करते हुए मैं उसकी चूत के दाने को भी जीभ से सहला रहा था.. जिससे वो फिर गरम हो गयी.. वो कहने लगी..अब मत तडपा..मैं बहुत तरसि हूँ मेरी जवानी कोआपना ले.. अब ये अंदर डाल के फाड़ दे मेरी चूत को.. अब मैं उठा.. उसने कहा तू तो एकदम एक्सपर्ट है.. उसे मेरा तरीका बहुत पसंद आया. अब मैं नीचे के तरफ गया और उसकी चिकनी मोटी जाँघो को चूमने और चाटने लगा दोनो तरफ चट रहा था..मैं उसे आज जी भर के चोदने के मूड मे था. मैने उसे पेट के बल लिटा दिया फिर उसके चूतड़ और पीठ को भी जीभ से चटा.. उसका पीछे का भाग और भी सेक्सी था. उभरे हुए गोरे मस्त चूतड़ और उसकी घाटी.. चिकनी गोरी पीठ..

उसकी पीठ चूमते हुए मैं सामने हाथ ला कर उसकी चूंची और निपल मसल रहा था उसके चूतड़ चाटने और दबाने मे बहुत मज़ा आ रहा था. मैने हल्के से काट लिया वो चिल्ला उठी..आआआहह. . नही..ईयी. मैं उसके चूतड़ ज़ोर ज़ोर से दबाए जा रहा था. मेरी जीभ दोनो चूतदों के बीच की घाटी मे सैर कर रही थी. चूतड़ इतने नरम और मुलायम थे की उन्हे दबाने मे अलग ही मज़ा आ रहा था.. घाटी मे हाथ फेरा उसकी गांद का छेद भी गुलाबी था. उस सुराख मे मैने जीभ की नोके घुमाई , वो सिहर उठी, उसका मचलना बहुत ही मजेदार था. फिर मैने पीछे से उसकी फूली हुई चूत को सहलाया और एक उंगली अंदर डालने की कोशिश की.. चूत तो गीली थी लेकिन बहुत टाइट थी.. मेरी उंगली के अंदर जाते ही वो थोड़ा चिल्लाई..आअहह. . धीरे.. दर्द होता है.. मैने कहा ये तो उंगली है और तुम मेरा 3 इंच मोटा और 7.5 इंच लंबा लंड लेने के लिइए तड़प रही हो.. उसने कहा.. मुझे नही मालूम, मेरी चूत मे आग लगी है.. अंदर चींतियाँ रेंग रही है.. मैने उसे चूमा . मैं समझ गया लोहा गरम हो गया है. अब कील ठोक देना है. मैने उसे अब सीधा लिटाया और पेट और नाभि को जीभ से चाटा.. गीला कर दिया..मैने फिर चूत पर मुँह लगाया..अब मेरी जीभ चूत के अंदर खेल रही थी. चूत एकदम फूलने लगी. वो भी अपनी कमर उछाल रही थी..मैं अभी उसे और तड़पाना चाहता था.

मैने चूत को देखा नही और उसका पैरो से लेकर जाँघो के जॉइंट तक उसे पूरा मेरी जीभ से गीला कर दिया | आप यह कहानी मस्तराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |  इस बार मैं चूत मे नही उसका चारो तरफ जीभ और हाथ से सहला रहा था. मैने देखा बिस्तर की चादर उसकी गांद के नीचे पूरी गीली हो रही थी. अब वो पूरी गरम हो गयी थी.. अपने पैर रगड़ रही थी..हीईीई. .अब सहन नही हो रहा.. उसने हाथ बढ़ा कर मेरे लंड को हाथ मे लिया वो भी फिर से पूरे जोश मे आ चुका था, इस बार वो और भी मोटा लग रहा था. उसने उठ कर मेरे लंड को किस किया थोडा चटा.. उसने कहा.. सच मे राज उस दिन मैने बाथरूम मे जब तुम्हारा ये प्यारा लंड देखा तभी सोच लिया था कि मेरी कुँवारी चूत की सील इसी लंड से तुदवाउन्गि.. उस दिन के बाद से मैं सिर्फ़ इसी लंड को सपने मे देखती हूँ और मेरी चूत पानी निकाल देती है.. मैने कहा तो फिर आज इसे अपनी चूत मे डलवा लो.. कहते हुए मैने उसके पैरों को फैलाया और मेरे लंड को उसकी चूत के उपर रगड़ा ताकि उसकी चूत के जूस से मेरे लंड का सूपड़ा चिकना हो जाए.

फिर उसे किस किया और लंड को चूत के लाल छेद पर रखा और पुश किया.. उसकी चूत का मुँह बहुत छोटा था और मेरा सूपड़ा बहुत मोटा.. वो फिसल गया.. मैं उठा और मैने पास रखे तेल के डिब्बे से बहुत सारा तेल मेरे लंड पर लगाया और उसकी चूत के छेद मे भी डाला. अब मैने उसका पैरों को और चौड़ा किया.. और लंड को छेद पर रख कर थोड़ी ताक़त से धकेला.. लंड का सूपड़ा अंदर घुसा और वो चिल्लाई..मर गाइिईई.. हाईईईई.. ऊओह निकालो. .इतना मोटा नही जाएगाआ.. .राज्ज्जज्ज्ज.. बस.अब नहीइ.. मैने कहा निकाल लू..वो मेरी तरफ देखने लगी.. उसकी आँखों मे आँसू थे.. एक 28 साल की औरत और एक 22 साल का लड़का.. लंड तो लोहे का रोड हो गया था.. मैने उसे किस किया..तब वो बोली.. मैं कितना भी चिल्लाउ तुम आज मेरी चूत फाड़ दो.. मैने उसका होंठ पर अपने होंठ रखे ताकि वो ज़ोर से चिल्ला ना सके.. मैं समझ गया था कि वो सच मे कुँवारी ही है.. अब मैने अपनी कमर को सख़्त किया और लंड को ताक़त के साथ अंदर धकेला.. लंड 2इंच घुसा वो दर्द से बिलबिला उठी.. तड़पने लगी मैने उसका मुँह नही छ्चोड़ा..

लेकिन मैने महसूस किया उसकी चूत के अंदर कुछ मेरे लंड को अंदर जाने से रोक रहा है.. शायद इतनी बड़ी उमर होने के कारण चूत का परदा मोटा हो गया था.. मैने लंड को थोड़ा बाहर खींचा.. और पूरी ताक़त से झटका मारा.. चूत के पर्दे को ककड़ी की तरफ फाड़ कर मेरा लंड 5 इंच अंदर हो गया.. और उसकी चूत ने खून की उल्टी कर दी..वो तदपि और फिर बेहोश जैसी हो गयी.. मैं डर गया.. मैं उसे चूमने लगा.. करीब 5 मिनट. ऐसे ही रहने के बाद वो होश मे आई.. आँखों मे पानी और चेहरे पर दर्द.. थोड़ी देर मे जब दर्द कम हुआ मैने हल्के हल्के धक्के लगाने शुरू किए.. उसे मज़ा आने लगा.. मैने पूछा अब दर्द कम हुआ? उसने कहा.. हां.. और अब मैने लंड को बाहर खींचा और करारा झटका देते हुए पूरे लंड को जड़ तक उसकी चूत मे पेल दिया वो फिर चिल्लाई..ऊओ. .मार गाइिईईई. .लेकिन मेरे धक्के चालू थे.. और फिर 4-5 मिनट मे उसने भी चूतड़ उछालते हुए धक्के शुरू किए.. अब उसकी चूत से पानी निकलने लगा था.. और लंड को भी अंदर बाहर होने मे सहूलियत हो रही थी. मैं उसे अब ज़ोर से चोदने लगा.. वो भी कह रही थी..और ज़ोर से.. फाड़ दो..

मुझे मा बना दो.. मैने अब उससे पूछा अगर तुम कुँवारी थी तो फिर वो लड़का किसका है जिसे तुमने हॉस्टिल मे रखा है.. उसने कहा वो उसकी बड़ी बेहन का लड़का है.. जिसकी एक आक्सिडेंट मे मौत हो गयी.. और उसके पति ने दूसरी शादी कर ली, इसलिए 1 साल के बच्चे को उसने गोद ले लिया था. अब वो अपने बच्चे की मा बनना चाहती है.. राज.. मेरे पेट मे बच्चा दे दो.. आहह.. क्या मस्त मज़बूत लंड है..और फिर वो मुझसे चिपकने लगी..आआहह. .मेरा निकलने वाला है..मुझे कस के पकड़ लिया और वो झाड़ गयी.. मुझे मेरे कंधे पर से कुछ गरम बहता हुआ महसूस हुआ.. मैने हाथ से देखा वो खून था.. दरअसल जब उसकी सील टूटी तब उसने नाख़ून से मेरे पीठ पर घाव बना दिया था..और वही से खून निकल रहा था, ये देख कर मुझे और जोश आ गया.. मैने मेरे धक्को की रफ़्तार बढ़ा दी उसकी चूत को इस तरह की चुदाई उम्मीद नही थी | आप यह कहानी मस्तराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |  और चूत एकदम लाल हो गयी.. मैने उसकी कमर और चूतड़ को दोनो हाथो से पकड़ा और चूत मे लंड डाले हुए ही मैने सीधा लेट गया और उसे अपने उपर खींच लिया.. अब मैने उससे कहा.. अपनी गांद उपर नीचे करो उसका इस तरह उछलने से उसकी मस्त चूंचियाँ मेरे मुँह के सामने उछाल रही थी.

मैने दोनो हाथो से चूंचियाँ पकड़ी, मसली और निपल को मुँह मे ले कर चूसने लग.. वो लगातार झाड़ रही थी.. मेरी गोतिया भी गीली हो गयी उसका चूत के पानी से.. थोड़ी देर मे वो थक कर मेरे सीने पर लेट गयी.. मैने बिना चूत से लंड निकाले फिर उसे नीचे लिया और खींचते हुए बेड के किनारे लाया.. वहाँ उसकी चूत के नीचे तकिया लगाया और मैं खुद नीचे खड़ा हो गया.. उसका पैर मेरे कंधे पर रखे और. इस बार मेरे धक्के बहुत ही तूफ़ानी थे.. वो चिल्ला रही थी . क्या मस्त लंड है.. मेरी चूत की किस्मत खुल गयी..मारो.. और ज़ोर से..ऊवू.. मैं गयीईईई. . वो फिर झाड़ गयी.. अब मेरा भी झड़ने का टाइम हो गया था.. मैने पूछा.. मैं झड़ने वाला हूँ.. कहाँ निकालू.. उसने कहा मेरी चूत मे भर दो.. मुझे मा बना दो राज्ज्जज्ज्ज्ज्ज तुम्हारे मज़बूत लंड से मुझे गर्भवती कर दो मैने 5-6 जबरदस्त धक्के मारे और लंड को उसके बच्चे दानी के मुँह पर रख कर लंड से फ़ौवारा चला दिया.. क्या जबरदस्त पिचकारी थी..

उसने अपने पैर मेरी कमर पर जाकड़ दिए और मुझसे चिपक गयी.. मेरे लंड की गरम पिचकारी से वो भी झाड़ गयी थी.. हम कुछ देर ऐसे ही पड़े रहे फिर मैं उठा और अपने लंड को बाहर खींचा.. वो खून और दोनो के जूस से लथपथ हो रहा था.. और उसकी चूत..वो तो मुँह खोले सब माल बाहर निकाल रही थी..उसका शेप ओ जैसा हो गया था. आप यह कहानी मस्तराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |  मैने कहा बाथरूम मे चलते है.. उसने उठने की कोशिश की फिर आअहह.. .उउईई करते हुए लेट गयी.. उसका पैर कांप रह थे.. मैने सहारा देकर उसे उठाया.. तब तक शाम के 5.30 हो गये थे.. हम बाथरूम मे फ्रेश हुए.. उसकी नंगी जवानी को देख कर मेरा लंड फिर तय्यार होने लगा.. उसने साबुन से मेरे लंड को सॉफ किया.. उसका हाथ लगते ही वो फिर गुर्राने लगा.. हम बाथरूम से लौटे और नंगे ही बेड पर लेट गये.. मैने उसे रात के 9 बजे तक और 2 बार चोदा ..अलग अलग पोज़ मे एक बार तो उसे उसकी किचन टेबल पर बैठा के मेरे लंड पर झूला झूलाया.. उसका बाद से मैं उसे चोदने ठीक 4.30 पर उसका घर जाता था और उसने मुझे कहा था कि ये तुम्हारी गुरु दक्षिणा है अपने गुरु के लिए |

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