मै मेरी ननद और मेरे ससुरजी- 3

गतांग से आगे …..

आख़िर मैं मुझे एक प्लान सूझ ही गया ओर नेक्स्ट सुबह जब बाबूजी नहाने गये तो मैने उनके मोबाइल से अपनी ननद को फ़ोन. किया ओर कहा कि मुझे फ़ोन. करो इसी नंबर. पे बाबूजी वाले पे अभी. मेरी ननद रुचिता ने फ़ोन. किया तो बाबूजी बोले के कुसम बेटा देखो किस का फ़ोन. है तो मैने कहा कि रुचिता दीदी काहै तो बोले कि बात कर लो मैने कहा कि ठीक है और फ़ोन. ले कर आपने रूम मैं चली गई और बात करने लगी;. रुचिता – हां भाभी कहो क्या बात है | 


मैं – दीदी क्या कर रही हैं आप
रुचिता – कुछ भी नही आप बात तो बताओ
मैं – दीदी एक मज़े की बात है अगर कहो तो तुम्हारी तमन्ना पूरी करवा दूँगी
रुचिता – बताओ भी भाभी क्या बात है पहेलियाँ मत बुझाओ
मैं – दीदी मोम , गगन उसकी वाइफ और तुम्हारे बड़े भैया कोई भी घर पे नही है 15 दिन के लिए सिर्फ़ मैं अकेली हूँ घर पे बाबूजी के साथ और रात तो मैने उनके लंड के दर्शन भी कर लिए हैं ओर अब उसे पाने का प्लान भी बना लिया है अगर तुम भी चाहती हो तो आ जाओ आज बोलो क्या कहती हो


रुचिता – सच भाभी मैं आज ही पहुँच जाउंगी.
मैं – लेकिन घर पे क्या कहोगी एक बात सुनो मैं तुम्हारी बाबूजी से बात करवाती हूँ जब वो तुम्हे बताएँगे कि घर पे कोई नही है तो तुम कहना कि बाबूजी अगर आप कहों तो मैं आ जाती हूँ 10 दिन के लिए बाबूजी मान जाएँगे फिर तुम कहना के आप उनको एक बार कह दो इसी बहाने मैं भी आप के पास 10 दिन रह जाउंगी. शादी पे तो मैं आप के पास ठीक से बैठ भी नही पाई और आप से कोई बात भी नही कर पाई. कहना मैने तो यू ही फ़ोन. किया था हालचाल पूछने के लिए.


रुचिता – ठीक है भाभी बात कर्वाओ मेरी बाबूजी से तभी बाबूजी नहा के आ गये ओर मैने फ़ोन. उन्हे दे दिया और कहा कि रुचिता दीदी आप से बात करना चाहती है. जब बाबूजी ने बताया के घर पे कोई भी नही है तो रुचिता दीदी ने वही कहा जो मैने उसे समझाया था तो बाबू जी ने कहा कि वहाँ घर पे खाना वग़ैरा कौन बनाएगा तो उसने बता दिया कि घर पे सासू मोम और उसकी छोटी ननद भी है जो छुट्टियो मैं आई हुई है ओर अभी 15-20 दिन यही रहेगी तो बाबूजी ने कहा कि ठीक है मेरी बात कर्वाओ.

वैसे भी बाबूजी रुचिता दीदी से बहुत प्यार करते थे और वो उनकी लड़ली बेटी थी. रुचिता दीदी ने फ़ोन. जीजा जी को दे दिया ओर बाबूजी के कहने पे वो दीदी को भेजने के लिए राज़ी हो गये. मैने बाबूजी को खाना बना के दिया ओर वो खा के शॉप पे चले गये और मैं घर के काम मैं बिज़ी हो गई करीब 2 बजे के करीब रुचिता दीदी भी आ गई और आदर आते ही मुझसे बोली है भाभी पहले ये बताओ के आप ने वो कमाल कैसे किया मैने कहा कि कॉन सा कमाल तो बोली कि ज़यादा भोली मत बनो ये बताओ कि बाबूजी के लंड का दीदार कैसे किया मैने कहा कि बताती हूँ |

पहले थोड़ा सबर करो कोई चाइ पानी तो पी लो तो बोली की नही पहले मुझे बताओ तो मैने उसेकहा कि इतनी उतावली क्यो होती हो दीदी अगर अभी सब कुछ जान लोगि तो सस्पेंस क्या रहेगा मैं बता दूँगी आप को आप फिकर क्यो करती हो बस ये जान लो कि रात मैने उनके लंड का दीदार कर लिया है ओर उसे छू के भी देखा है और उसे चूसा भी है तो वो बोली है भाभी आप तो सच मैं कमाल की चीज़ हो एक ही दिन मैं मोर्चा मार लिया अब बताओ कि आगे का प्लान क्या है. मैने उससे कहा कि कल हम बाजार चलेंगे और आगे के प्लान पे काम शुरू कर देंगे तो वो बोली कि फिर मुझे आज ही क्यो बुलाया तो मैने कहा कि धीरज रखो आगे आगे देखो होता है क्या. मैने कहा कि आज तुझे भी बाबूजी के लंड के दर्शन करवा दूँगी ओर उसे छूने का सोभाग्य भी दिलवा दूँगी तो उसने मुझे बाहों मैं भर लिया और मेरा मूह चूम के बोली थैंक यू भाभी पर एक बात बताओ आप तो कहती थी कि भैया को धोखा नही दोगि फिर ये इरादा कैसे बन गया तो मैने कहा कि दीदी उस दिन आप ने बाबूजी के लंड की तारीफ ही इतनी की थी के मुझे सारी रात वो ही बातें सताती रही ओर सोने नही दिया उसके बाद तो रोज रात मे मुझे आप दिखाई देती थी सपने मैं बाबूजी के लंड को देख के खुश होती हुई बस फिर मैने मन बना लिया कि मैं भी उसे देख के ही दम लूँगी ओर उसका मज़ा भी लूँगी ओर आप को भी मज़ा दिलवाउंगी तो वो बोली भाभी आप बहुत अच्छी हो तो मैने कहा कि दीदी अब मस्का मत लगाओ और फिर हम आपस मैं बातें करने लगी.

दोस्तों अभी कहानी बाकी है |

आगे की कहानी भी जल्दी ही पोस्ट करुगी तब तक आप लोग अपना जवाब देना ना भूले |

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